दिल्ली-एनसीआर में 48 घंटे का बड़ा ऑपरेशन, 482 अपराधी गिरफ्तार, हथियार-ड्रग्स का जखीरा बरामद
A major 48-hour operation in Delhi-NCR resulted
नई दिल्ली। दिल्ली समेत एनसीआर में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट्स, गैंग्सटर्स और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0 को अंजाम दिया।
मंगलवार सुबह सात बजे से बृहस्पतिवार सुबह सात बजे तक 48 घंटे चले इस आपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस की जिला यूनिट्स और स्पेशल सेल ने दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर कुल 482 अपराधियों, गैंग्सटरों के सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
इस दौरान 1,014 ठिकानों पर दबिश दी गई और भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, नकदी, ड्रग्स, शराब और वाहन बरामद किए गए।
अधिक सटीक रणनीति से चलाया गया अभियान
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पीएस कुशवाहा के मुताबिक, यह अभियान जनवरी में चलाए गए ऑपरेशन गैंग बस्ट 1.0 से मिले इनपुट, इंटेलिजेंस और अनुभवों के आधार पर और ज्यादा सटीक रणनीति के साथ चलाया गया।
इस बार पुलिस ने केवल गैंग्सटरों को निशाना नहीं बनाया, बल्कि संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क के गठजोड़ को भी टारगेट किया। इसी रणनीति के तहत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त करना इस ऑपरेशन का अहम हिस्सा बनाया गया।
शहजाद भट्टी नेटवर्क के नौ आरोपित हिरासत में
हाल के दिनों में शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों की गतिविधियां लगातार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थीं। जांच में सामने आया है कि शाहजाद भट्टी इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म्स के जरिए भारत में युवाओं की भर्ती कर रहा था और उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था।
इन लोगों से संवेदनशील इलाकों की रेकी कराई जाती थी, सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाते थे, हथियार और नारकोटिक्स की सप्लाई कराई जाती थी और टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कराई जा रही थी।
पुलिस ने इस नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि 44 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
सुरक्षा बलों पर फायरिंग की रच रहे थे साजिश
गिरफ्तार किए गए आरोपितों में अमरोहा का शोएब खान, रवि कश्यप, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ का अनमोल राय, जम्मू-कश्मीर के राजौरी का इम्तियाज खान, रामपुर का रिजवान खान, पंजाब के फिरोजपुर का जसबीर सिंह, मोगा का जसकरण सिंह, अमृतसर का सतारा सिंह और गुजरात के बनासकांठा का मनोज शामिल हैं।
ये आरोपित उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने की साजिश में शामिल थे। इनमें से कुछ आरोपित शहजाद भट्टी के लिए हथियारों की सप्लाई और तस्करी नेटवर्क का हिस्सा भी थे।
इस आपरेशन के दौरान गैंग्सटरों के पूरे क्रिमिनल इको-सिस्टम को निशाने पर लिया। इसमें शूटर, फाइनेंस प्रोवाइडर, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले, हथियार और कारतूस सप्लाई करने वाले, वाहन उपलब्ध कराने वाले, गैंग्सटरों को शरण देने वाले और इंटरनेट मीडिया हैंडलर्स तक शामिल थे।
अवैध हथियार के साथ ड्रग्स व शराब बरामद
पूरे परेशन के दौरान पुलिस ने 141 पिस्टल, 212 कारतूस, 79 चाकू, 24 वाहन, करीब 19 लाख रुपये नकद, 31 मोबाइल फोन, 19 किलो नारकोटिक ड्रग्स और 1234 शराब की क्वार्टर बोतलें बरामद कीं।
बरामद हथियारों और कारतूसों की संख्या को देखते हुए पुलिस अधिकारी इसे राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रहे हैं। जोन-1 के आठ जिलों में 167 रेड की गईं, जहां से 120 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से 28 पिस्टल, 50 कारतूस, 13 चाकू, 21 वाहन, 19 किलो ड्रग्स और 280 शराब की क्वार्टर बोतलें बरामद हुईं।
वहीं, जोन-2 के सात जिलों में 537 रेड के दौरान 346 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। वहीं स्पेशल सेल ने अकेले 310 रेड कर 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया और सात हथियार और 68 कारतूस जब्त किए।
गैंग्सटरों के गुर्गे भी दबोचे गए
गैंग्सटर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के सात सदस्य, संदीप काला जठेड़ी गिराेह के चार सदस्य, सद्दाम गौरी गिरोह के चार सदस्य, हाशिम बाबा गिरोह के तीन सदस्य, टिल्लू गिरोह के तीन सदस्य, कौशल चौधरी गिरोह के तीन सदस्य, नवीन बाली-नीरज बवाना गिरोह के दो सदस्य, जितेंद्र मान उर्फ गोगी गिरेाह का एक सदस्य, अर्श डाला गिरोह का एक सदस्य और इरफान उर्फ छेनू और नासिर गिराेह के एक-एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया।